नफ़रत-ए-इश्क - 50

  • 1.5k
  • 717

विराट बालकनी में खड़ा फोन पर किसी से बात कर रहा था जब तपस्या ने उसे पीछे से बाहों में भरा । वो लोग अभी भी होटल के उस कमरे में थे ।विराट जो बेहद संजीदगी से किसी के साथ कुछ डिस्कस कर रहा था अचानक तपस्या के हाथ अपने सीने पर महसूस कर खामोश सा हो गया। "मैं अभी होटल में ही हूं आधे घंटे में यहां से  निकलूंगा तुम पेपर्स यहीं भेज दो ।"....विराट कुछ संभल कर बोला और फोन काट कर पलट कर तपस्या को देखने लगा। तपस्या एक खुली हुई मुस्कान के साथ उसे ही देख