तड़क-भड़क और धूमधामसन् 1812 ई. में खड़क सिंह की शादी ने मेटकाफ का यह अनुमान सही साबित कर दिया कि, 'इस मौके पर जैसी धूमधाम और जितनी तड़क-भड़क होने वाली है वैसी कई साल से भारत में नहीं हुई होगी।' रणजीत सिंह ने अंग्रेज गवर्नर-जनरल को और सारे पंजाब के राजा-महाराजाओं और सरदारों को निमंत्रण भेजा। शादी में पटियाला, नाभा, जींद, कांगड़ा और कैथल के शासकों के अलावा गवर्नर-जनरल के प्रतिनिधि कर्नल ऑक्टरलोनी भी शामिल हुए। मुलतान और बहावलपुर के नवाबों को भी निमंत्रण गया था, और उनकी ओर से उनके घराने के कुछ लोग शादी में शामिल भी हुए