महाराजा रणजीत सिंह - भाग 8

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महाराजा की रानियाँ और परिवारअपने जैसे अन्य महान् सैनिकों की ही भाँति रणजीत सिंह भी नारी की मोहिनी शक्ति के समक्ष दुर्बल थे। यही कारण है कि उनके जीवन में काफी बड़ी संख्या में नारियों का स्थान रहा—कई उनके 'जनाना' या अंतःपुर की अंग थीं, पर कुछ उससे बाहर भी। राजकुमार दलीप सिंह ने, कहा जाता है, 1889 ई. में एक फ्रांसीसी पत्रकार को बताया था कि, 'मैं अपने पिता की 46 रानियों में से किसी एक का पुत्र हूँ।' कुछ इतिहासकारों के अनुसार, यह संख्या इतनी बड़ी नहीं थी, पर इससे कुछ अधिक अंतर नहीं पड़ता। असलियत यही है