अर्जुन ने महल के भीतर अपने द्वारा की गई खोजों और यात्रा को पूरा कर लिया था। उसके दिल में एक गहरी शांति थी, क्योंकि अब वह जानता था कि उसने न केवल एक प्राचीन शाप को तोड़ा था, बल्कि उसने एक ऐसी शक्ति को नष्ट किया था जो अनगिनत आत्माओं को अपने जाल में फंसा कर रखती थी। महल की रहस्यमय शक्ति अब पूरी तरह से समाप्त हो चुकी थी, और उस पर जमी हुई अंधेरी छाया अब गायब हो चुकी थी।अर्जुन महल से बाहर आकर एक गहरी साँस ली। उसे महसूस हुआ कि यह यात्रा केवल बाहरी नहीं