महाशक्ति – एपिसोड 18"बढ़ती नजदीकियाँ और अनजाना डर"सूरज धीरे-धीरे पहाड़ों के पीछे छिप रहा था। आसमान सिंदूरी रंग से भर गया था। ठंडी हवाएँ बह रही थीं, और मंदिर के पास स्थित झरने से आती पानी की आवाज़ पूरे वातावरण को शांतिमय बना रही थी। अर्जुन और अनाया पास के एक बड़े पत्थर पर बैठे हुए थे।शिव जी की छाया मेंअनाया ने ऊपर देखा, मंदिर की घंटियाँ हल्की-हल्की बज रही थीं।"अर्जुन, क्या तुम्हें कभी ऐसा महसूस हुआ है कि हमारा मिलना सिर्फ एक संयोग नहीं था?"अर्जुन ने उसकी आँखों में देखा।"हाँ, कई बार। ऐसा लगता है कि कोई शक्ति हमें