अपराध ही अपराध - भाग 42

  • 1.4k
  • 615

अध्याय 42   जल्दी से स्पीकर को कुमार ने ऑन किया “अबे दामोदरन, भगवान हमारी तरफ ही है। पावर कट के द्वारा आखिरी मिनट में हमारी लड़की को बचा लिया। तुम जो बात कर रहे थे वह दूल्हे मोहन से नहीं। धना के दोस्त कुमार से बात कर रहे थे।  “तुम एक स्मगलर हो तो ! डॉक्टर भी? तुम पापी लोगों को खेलने के लिए एक लड़की की जिंदगी ही मिली?” आक्रोश के साथ बोला।  “डैडी, आप तुरंत रवाना हो। पुलिस वाले यहां आ रहे हैं” कहते हुए उसने ऑक्सीजन मास्क लगाए हुए रामकृष्णन को जल्दी से मोहन उठाने लगा।