वो निगाहे.....!! - 17

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अपनी निगाहो मे ना सही अपनी यादो मे बसाय रखना ......!!धानी डिस्चार्ज हो कर घर आ गई थी अपने हि ख्यालो में इस कदर गुम हो गई अपने फ़ादर साहब का आना पता हि नहीं चला! अब आगे......! नहीं फ़ादर साहब मै इतने दिनों से बेड रेस्ट पर थी स्कूल भी जाना नहीं हो पाया बच्चो का कलचरल प्रोग्राम भी मिस कर दि l बस वही सोच रही थी और कुछ नहीं! अरे बेटा तुम ठीक हो जाओ फिर से अपने स्कूल जाने लगोगे l तुम यू खमोश नहीं अच्छी लगती है तुम शरारत करते हुये ठीक लगती हो l