शिवपुर की रातें अब पहले जैसी नहीं रहीं थीं।पहले अंधेरा सिर्फ डर लाता था।अब अंधेरा इंतज़ार लाता था।लोग रात ...
”रात के करीब ढाई बजे।पुराने मिल एरिया की टूटी सड़कों पर पुलिस की गाड़ियों की लाल-नीली लाइट्स चमक रही ...
”शिवपुर अब सोता नहीं था।रात होते ही सड़कें खाली हो जातीं।दुकानें जल्दी बंद होने लगी थीं।लोग कहते थे—“अंधेरा होने ...
”अब शिवपुर दो हिस्सों में बँट चुका था।कुछ लोग अर्नब को राक्षस कह रहे थे।कुछ लोग मसीहा।क्योंकि जिन गलियों ...
विक्का की मौत ने शिवपुर को हिला दिया।अब ये सिर्फ गैंगवार नहीं रही थी।ये संदेश था।और संदेश साफ था—“जो ...
सुबह के नौ बजे।शिवपुर जाग चुका था।लेकिन आज शहर में कुछ अलग था।चाय की दुकानों से लेकर जुए के ...
छत पर गोलियों की आवाज़ लगातार गूंज रही थी।“मारो साले को!!”राजू भाई के आदमी चारों तरफ फैल चुके थे।लेकिन ...
शिवपुर।एक ऐसा शहर…जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।यहाँ लोग नाम से नहीं, ...
-टैगलाइन: "हर महान क्रूरता के पीछे एक दर्दनाक सच्चाई छुपी होती है। और हर शैतान के पीछे... एक टूटा ...
-टैगलाइन: "जब तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत बन जाए... तो दुनिया काँप उठती है।"---एक्ट 1 — ...