महिला आरक्षण की अधूरी यात्रा और लोकतंत्रविवेक रंजन श्रीवास्तव, भोपालभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त उसकी विविधता और समावेशिता ...
मानवीय सभ्यता और युद्धविवेक रंजन श्रीवास्तव भोपालमानवीय सभ्यता की कहानी वास्तव में मनुष्य की जिजीविषा और उसके संघर्षों की ...
संस्कृत दूत: पद्मश्री रुटगर कोर्टेनहॉर्स्ट और संस्कृत का वैश्विक पुनर्जागरणविवेक रंजन श्रीवास्तव, भोपालआयरलैंड की राजधानी डबलिन के 'जॉन स्कॉटस ...
युद्ध की आग और शांति की राह: विवेक रंजन श्रीवास्तव इतिहास गवाह है कि आम आदमी के सिर पर ...
औद्योगिक कचरा और विकासविवेक रंजन श्रीवास्तवआज आधुनिक विकास के केंद्र में मशीनीकरण और औद्योगिक उत्पादकता है। इंटरनेट, मोबाइल और ...
राष्ट्रीय परिधियों में सिसकती संवेदना— विवेक रंजन श्रीवास्तवमनुष्य का समूचा इतिहास वस्तुतः उसकी निरंतर गति और अदम्य जिज्ञासा का ...
डॉ धर्मवीर भारती की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टिविवेक रंजन श्रीवास्तवधर्मवीर भारती के लेखन में व्यंग्य उनकी संवेदना के भीतर ...
खर्राटे: कारण, प्रभाव और समाधानखर्राटे केवल एक सामाजिक उपद्रव नहीं, बल्कि एक शारीरिक स्थिति है, जो नींद के दौरान ...
“The Sweetness of Krishna, the Restraint of Rama: Spiritual Indications”Vivek Ranjan ShrivastavaIf we do not judge Bhagavan Krishna’s multi‑marriage ...
प्रेमचंद के साहित्य में निहित व्यंग्यविवेक रंजन श्रीवास्तवए 233 ओल्ड मिनाल रेजीडेंसी जे के रोड भोपाल 462023कथा सम्राट का ...