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#स्टेटस
"हर लफ्ज़ में बसी है यहाँ एक नई दास्ताँ, कलमकारों के सपनों का है ये खुला आसमान।" ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ "भागदौड़ भरी ज़िंदगी में सुकून का एक पल है, मातृभारती की हर कहानी में हर दर्द का हल है।" manoj rajput
"कलम की स्याही को एक नया आसमान मिल गया, मातृभारती पर हर जज्बात को मुकाम मिल गया।" manoj rajput ✍️✍️✍️
"खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है। ज़मीन नहीं है मंज़िल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है।" ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️manoj rajput
"करीब बैठे हैं फिर भी दिलों में मीलों की दूरी है, आज के दौर में साथ होना भी एक मजबूरी है।" 🛋️ ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️manoj rajput.
"लिबास बदलकर तो लोग रोज मिलते हैं, काश कोई मिलता जो रूह से बात करता।".. 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 "अब फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कहता है, हमने शोर से ज्यादा तन्हाई से रिश्ता जोड़ लिया है manoj" rajput ✍️✍️✍️✍️
"भीड़ बहुत है इस शहर में, बस कोई अपना नहीं मिलता, चेहरे तो सब ऑनलाइन हैं, पर दिल का पता नहीं मिलता।" manoj rajput.... ✍️✍️
दिखावे की इस दुनिया में असलियत ढूंढना मुश्किल है, चेहरे पर हज़ारों मास्क हैं, सादगी का पता गुम हो गया है।" 🎭🌿🌿 "रास्ते की मुश्किलों को देखकर घबराना कैसा, समंदर को पार करना है तो लहरों से डरना कैसा?" 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂 रास्ते की मुश्किलों को देखकर घबराना कैसा, 🛤️ समंदर को पार करना है तो लहरों से डरना कैसा? 🌊 मिलेगी मंज़िल तुझे भी एक दिन ऐ मुसाफिर, 👣 बस तू अपने इरादों में तूफानों सा दम पैदा कर। 🌪️ 🌿🌿🌿
"थक कर जो बैठूँ दो पल कहीं, तो लोग उसे कामचोरी कहते हैं, मैं पत्थर बन गया सबकी ज़रूरतें भरते-भरते, पर सब मुझे बेजान कहते हैं।"🙂🙂🙂🙂🫂
मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, 🏔️ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। 🦅 राह में आएँगे पत्थर कई, तू बस चलना सीख ले, 🛤️ हार के डर को पीछे छोड़, तू जीतना सीख ले। 🏆 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 बंद कमरों में जो तूने रातें बिताई हैं, 🏠 वही खामोश मेहनत अब रंग लाई है। 🎨 माथे का पसीना जब ज़मीन पर गिरता है, 💧 तभी तो किस्मत का सूखा रेगिस्तान खिलता है। 🌸 सूरज सा चमकने के लिए, पहले सूरज सा जलना होगा, ☀️ सपनों की खातिर, तुझे अंगारों पर भी चलना होगा। 🔥 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 कल तक जो अनभिज्ञ थे, वो आज तेरा नाम जपेंगे, 🗣️ तेरी मेहनत की गूंज से, अब सोए हुए भी जागेंगे। 🔔 तू चुप रहकर बस अपना काम करता जा मुसाफिर, 🚶 एक दिन तेरी कामयाबी ही, तेरी पहचान बन जाएगी आखिर। 🌟 सूरज की पहली किरण सा, तू अंधकार को चीर दे, 🌅 अपनी मेहनत की स्याही से, तू अपनी नई तक़दीर लिख दे। ✍️ 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 भीड़ में अपनी एक अलग पहचान बना, 👤 खुद की काबिलियत पर तू अटूट विश्वास जगा। ✨ दुनिया चाहे जो कहे, तू अपने मन की सुन, 👂 अपने अटूट हौसलों से, अपनी जीत को बुन। 🧶 मंजिलें तो मिल ही जाएंगी, बस तू खुद पर यकीन रख, 🏔️ खुद ही अपनी जीत का तू सबसे बड़ा प्रतीक रख। 🏆 manoj rajput...
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