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उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ में , खो चुकी हूं जो वजूद अपना, फिर से पाना चाहती हुँ में, हां सुनने में मुश्किल सा जरूर लगता है, फिर भी ये करना चाहती हूं में, उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ मै, जो सपने बन्द आंखों से देखे थे कभी, उन्हें भी हकीकत में बदलना चाहती हूँ मै, कठनाईया तो पहले भी थी ओर अब भी आएगी, पर इस बार उनका सामना डट कर करना चाहती हुँ में, उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ मै, कल नही हुआ तो कल जरूर होगा.....(2) यही सोच कर आगे बढ़ना चाहती हूं में, अतीत की हर गलतियों से सिख कर, वर्तमान और भविष्य के लिए कुछ सही फैसले लेना चाहती हूं में, मुश्किले जितनी भी आये, पर अब अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती हूं में, उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ मै, ढूंढने पर भगवान मिले या ना मिले.....(2) पर अब तो हर हाल में अपनी मंजिल को पाना चाहती हूँ मै, किस्मत में अगर हार लिखी भी हो , तो मेहनत से अपनी जीत को हासिल करना चाहती हूँ मै, उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ में, कैद भरी जिंदगी से खुद को, आज़ाद करना चाहती हूँ मै धीरे - धीरे ही सही पर , अपनी मंजिल तक पहुचना चाहती हूँ मै उमिद्दो की रोशनी में, आज फिर से जीना चाहती हूँ मै... आज फिर से जीना चाहती हूँ मैं.... #Kavyotsav2
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