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ईन हरे पौधो के सुखे पत्ते ही कभी आपकी मोहब्बत की निशानी बनकर रहेंगे इसे भी आपना दिल ही समजा करो ..।
दुनिया की रीत कुछ अलग है हमारे दिल की सोच कुछ अलग है लेकीन आज हमारी कलम लिखती कुछ अलग है
कुछ साल पहेले इन कीताबो को बोज समज ते थे ओर आज इन्ही कीताबो के सहारे आंसु बहाकर दिल को हलका करलेते है।
आज वो हसीन शाम देखी है मेने जीसके ईन्तझारमे और साथ ही तेरी याद मे बहोत कुछ छुट चुका है मुजसे
अब ये बारिष मे भिगने की आदत सी हो गई है । आज कल उनकी याद मे हम बीना बारिष के बदं घर मे भी रोझ भिग जाते है ।
आज ये बारिष के मौसम मे ईन भिगी सडक पर बेठ कर सोचा कसम से तेरे साथ के अलावा खुदा ने सब कुछ दिया है
એક આવી સાંજ જો મળે બેશક તુ સાથે નહી હોય છતા તને દિલમા લઈ ત્યાજ બેસી રહીશ
काश ये दिल भी ईस पंछी कि तरह मरझि से उड सकता कसम से पहले तेरे पास ही आता।
मे हर रोझ वो दिया जलाना चाहती हुं जिसके उजाले मे तु ना सही तेरी परछाई तो झरुर दीखे -Rajalba
ફરી એક વાર ત્યા જઈ બેસવુછે. એનો સાથ નહી મળે પણ એની સાથે માણેલા દિવસ નો એહસાસ મળી જાય .
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