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Akanksha

Akanksha

@ah4049


हो कर्म ऐसे की परिचय की आवश्यकता न पड़े।
परिचय मांगने पर ,तेरे जीवनवृक्ष से सत्कर्म रूपी पत्ते झड़े
#परिचय

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वृक्ष के नेत्रों में क्षणभर में कैसा अन्धकार हो गया ।
जब शाखो़ं में बैठे परिंदो का एक एक कर शिकार हो गया
#शिकार

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