क्या इतना मुश्किल है?
कोई जो मुझसे पूछे, मेरी खुशी का राज क्या है?
तो कहूंगी, मैंने अपना 'वजूद' संभाल रखा है, इसलिए खुश हूं।
क्योंकि मैं हूं... और मैं ही रहूंगी...
क्यों किसी और के जैसा बनना है तुम्हें?
क्यों दूसरों के सांचे में ढलना है तुम्हें?
तुम जैसे हो, वैसे ही रहो, यही तुम्हारी पहचान है,
तुम्हारा अपना होना ही, सबसे बड़ा सम्मान है।
बस एक बार खुद से प्यार करना सीख लो,
फिर ये सारा जहां तुम्हें हसीन लगेगा।
एक बार खुद से मोहब्बत तो करके देखो,
बस एक बार... खुद से प्यार करके देखो।
ढमक कहती है
क्या वाकई इतना मुश्किल है... खुद से प्यार करना?
अब वक्त है, खुद पर थोड़ा वक्त खर्च करो...
DHAMAK